Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.177.36: यदि किसी व्यक्ति को धनवान होने का संदेह हो, तो डाकू उसका धन लूटने के लिए उसे मार डालते हैं, अथवा उसे नाना प्रकार के कष्ट देकर उसे निरंतर चिन्ता में रखते हैं॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 12.177: मङ्किगीता—धनकी तृष्णासे दु:ख और उसकी कामनाके त्यागसे परम सुखकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि किसी व्यक्ति को धनवान होने का संदेह हो, तो डाकू उसका धन लूटने के लिए उसे मार डालते हैं, अथवा उसे नाना प्रकार के कष्ट देकर उसे निरंतर चिन्ता में रखते हैं॥ 36॥
'If a person is suspected of having wealth, robbers kill him in order to rob him of his wealth, or torment him by giving him various kinds of pains and keep him constantly in anxiety.॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥