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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 177: मङ्किगीता—धनकी तृष्णासे दु:ख और उसकी कामनाके त्यागसे परम सुखकी प्राप्ति
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श्लोक 13
श्लोक
12.177.13
यदि वाप्युपपद्येत पौरुषं नाम कर्हिचित्।
अन्विष्यमाणं तदपि दैवमेवावतिष्ठते॥ १३॥
अनुवाद
"यदि कोई प्रयत्न सफल होता हुआ प्रतीत होता है, तो आगे जाँच करने पर सिद्ध होता है कि वह ईश्वर की सहायता है ॥13॥
"If any effort seems to be successful, then upon further investigation it is proved that it is God's help. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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