Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.175.d1h-12: विद्वान पुरुष को चाहिए कि जिस रात्रि के बाद वह कोई भी शुभ कर्म न करे, उसे व्यर्थ समझे। मनुष्य की कामनाएँ पूरी होने से पहले ही उसकी मृत्यु हो जाती है।॥12॥ | mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विद्वान पुरुष को चाहिए कि जिस रात्रि के बाद वह कोई भी शुभ कर्म न करे, उसे व्यर्थ समझे। मनुष्य की कामनाएँ पूरी होने से पहले ही उसकी मृत्यु हो जाती है।॥12॥
The learned man should consider the night after which he does not perform any good deed as wasted. Before a man's desires can be fulfilled, death comes to him.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥