Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.175.5: पुत्र ने कहा - पिताजी! मनुष्यों की आयु बड़ी तेजी से बीत रही है। यह जानकर धैर्यवान मनुष्य को क्या करना चाहिए? पिताजी! कृपया मुझे उचित मार्ग बताइए, जिसके अनुसार मैं धर्म के मार्ग पर चल सकूँ। | mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्र ने कहा - पिताजी! मनुष्यों की आयु बड़ी तेजी से बीत रही है। यह जानकर धैर्यवान मनुष्य को क्या करना चाहिए? पिताजी! कृपया मुझे उचित मार्ग बताइए, जिसके अनुसार मैं धर्म के मार्ग पर चल सकूँ।
The son said - Father! The lifespan of humans is passing by very fast. Knowing this, what should a patient man do? Father! Please instruct me on the right way, according to which I can follow the path of Dharma. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥