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mahabharat 12.175.38: हे ब्राह्मण पिता! जब एक दिन आपकी मृत्यु हो जाएगी, तब आपको इस धन से क्या लेना-देना, भाई-बंधुओं से क्या लेना-देना और पत्नी आदि से आपको क्या प्रयोजन? आपको अपने हृदय-गुफा में स्थित परमात्मा की खोज करनी चाहिए। जरा सोचिए, आपके पिता और दादा कहाँ चले गए?॥ 38॥   |   mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  12.175.38 
किं ते धनैर्बान्धवैर्वापि किं ते
किं ते दारैर्ब्राह्मण यो मरिष्यसि।
आत्मानमन्विच्छ गुहां प्रविष्टं
पितामहास्ते क्व गता: पिता च॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण पिता! जब एक दिन आपकी मृत्यु हो जाएगी, तब आपको इस धन से क्या लेना-देना, भाई-बंधुओं से क्या लेना-देना और पत्नी आदि से आपको क्या प्रयोजन? आपको अपने हृदय-गुफा में स्थित परमात्मा की खोज करनी चाहिए। जरा सोचिए, आपके पिता और दादा कहाँ चले गए?॥ 38॥
 
O Brahmin, father! When you will die one day, what do you have to do with this wealth or what do you have to do with your brothers and relatives and what purpose will you get from your wife etc.? You should search for the Supreme Soul who is situated in the cave of your heart. Just think, where have your father and grandfather gone?॥ 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)