Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.175.37: भगवान के साथ एकता और समता, सत्य भाषण, सदाचार, ब्रह्मभक्ति, दण्ड का त्याग (अहिंसा), सरलता और सभी प्रकार के सकाम कर्मों की अधिकता - इनके समान ब्राह्मण के लिए दूसरा कोई धन नहीं है। | mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान के साथ एकता और समता, सत्य भाषण, सदाचार, ब्रह्मभक्ति, दण्ड का त्याग (अहिंसा), सरलता और सभी प्रकार के सकाम कर्मों की अधिकता - इनके समान ब्राह्मण के लिए दूसरा कोई धन नहीं है।
Unity and equality with God, truthful speech, virtuous conduct, devotion to Brahman, renunciation of punishment (non-violence), simplicity and exceeding all kinds of fruitful deeds - there is no other wealth for a Brahmin like these.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥