Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.175.23: पिताश्री, जब यह शरीर मृत्यु, जरा, रोग और अनेक कारणों से उत्पन्न होने वाले दुःखों से निरन्तर आक्रांत रहता है, तब आप यहाँ स्वस्थ होकर क्यों बैठे हैं?॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिताश्री, जब यह शरीर मृत्यु, जरा, रोग और अनेक कारणों से उत्पन्न होने वाले दुःखों से निरन्तर आक्रांत रहता है, तब आप यहाँ स्वस्थ होकर क्यों बैठे हैं?॥ 23॥
Father, when this body is constantly attacked by death, old age, disease and sufferings caused by several reasons, then why are you sitting here looking healthy?॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥