Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.175.18: जैसे बाघ सोते हुए हिरण को उठा ले जाता है, वैसे ही पुत्रों और पशुओं से संपन्न मनुष्य, किन्तु उनमें ही मन लगाए रहता है, उसे भी एक दिन मृत्यु उठा ले जाती है। | mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे बाघ सोते हुए हिरण को उठा ले जाता है, वैसे ही पुत्रों और पशुओं से संपन्न मनुष्य, किन्तु उनमें ही मन लगाए रहता है, उसे भी एक दिन मृत्यु उठा ले जाती है।
Just like a tiger carries away a sleeping deer, similarly, a man blessed with sons and cattle but keeping his mind engrossed in them, is carried away by death one day.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥