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mahabharat 12.175.15: जो काम कल करना है, उसे आज ही पूरा कर लेना चाहिए। जो काम शाम को करना है, उसे सुबह ही कर लेना चाहिए; क्योंकि मृत्यु यह नहीं देखती कि उसका काम पूरा हुआ या नहीं।॥15॥   |   mahabharat अध्याय 12.175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 175: अपने कल्याणकी इच्छा रखनेवाले पुरुषका क्या कर्तव्य है, इस विषयमें पिताके प्रति पुत्रद्वारा ज्ञानका उपदेश  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.175.15 
श्व: कार्यमद्य कुर्वीत पूर्वाह्णे चापराह्णिकम्।
न हि प्रतीक्षते मृत्यु: कृतमस्य न वा कृतम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जो काम कल करना है, उसे आज ही पूरा कर लेना चाहिए। जो काम शाम को करना है, उसे सुबह ही कर लेना चाहिए; क्योंकि मृत्यु यह नहीं देखती कि उसका काम पूरा हुआ या नहीं।॥15॥
 
The work to be done tomorrow should be completed today. The work to be done in the evening should be done in the morning; because death does not see whether its work is completed or not.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)