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mahabharat 12.174.9: राजा सेनजित का पुत्र मर गया था। वह शोक की अग्नि में जल रहा था। उसका मन शोक में डूबा हुआ था। राजा को शोकग्रस्त देखकर ब्राह्मण ने यह कहा-॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.174.9 
पुत्रशोकाभिसंतप्तं राजानं शोकविह्वलम्।
विषण्णमनसं दृष्ट्वा विप्रो वचनमब्रवीत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजा सेनजित का पुत्र मर गया था। वह शोक की अग्नि में जल रहा था। उसका मन शोक में डूबा हुआ था। राजा को शोकग्रस्त देखकर ब्राह्मण ने यह कहा-॥9॥
 
King Senjit's son had died. He was burning in the fire of grief. His mind was drowned in sorrow. Seeing the grief-stricken king, the Brahmin said this -॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)