Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.174.58: पिंगला बोली, "मेरा सच्चा प्रियतम बहुत समय से मेरे पास ही रहता है। मैं सदैव उसके साथ ही रहती आई हूँ। वह कभी पागल नहीं होता; किन्तु मैं इतनी मदहोश थी कि आज से पहले उसे पहचान ही नहीं सकी।" | mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिंगला बोली, "मेरा सच्चा प्रियतम बहुत समय से मेरे पास ही रहता है। मैं सदैव उसके साथ ही रहती आई हूँ। वह कभी पागल नहीं होता; किन्तु मैं इतनी मदहोश थी कि आज से पहले उसे पहचान ही नहीं सकी।"
Pingala said, "My true beloved has been living near me for a long time. I have always lived with him. He never goes mad; but I was so intoxicated that I could not recognize him before today."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥