Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.174.57: एक बार पिंगला नामक वेश्या बहुत देर तक एक निश्चित स्थान पर बैठी रही, फिर भी उसका प्रिय उसके पास नहीं आया; इससे उसे बड़ा दुःख हुआ; फिर भी वह शान्त रही और इस प्रकार सोचने लगी। | mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक बार पिंगला नामक वेश्या बहुत देर तक एक निश्चित स्थान पर बैठी रही, फिर भी उसका प्रिय उसके पास नहीं आया; इससे उसे बड़ा दुःख हुआ; फिर भी वह शान्त रही और इस प्रकार सोचने लगी।
Once the prostitute Pingala sat at the designated place for a long time, but still her beloved did not come to her; this caused her great distress, but she remained calm and started thinking in this manner. 57.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥