Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.174.36: जो लोग अज्ञान से ऊपर उठ गए हैं, परन्तु ज्ञान प्राप्त नहीं किया है, वे सुख की स्थिति आने पर अत्यन्त प्रसन्न होते हैं और दुःख की स्थिति आने पर अत्यन्त दुःख का अनुभव करते हैं ॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 12.174: शोकाकुल चित्तकी शान्तिके लिये राजा सेनजित् और ब्राह्मणके संवादका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ ये बुद्धिमप्राप्ता व्यतिक्रान्ताश्च मूढताम्।
तेऽतिवेलं प्रहृष्यन्ति संतापमुपयान्ति च॥ ३६॥
अनुवाद
जो लोग अज्ञान से ऊपर उठ गए हैं, परन्तु ज्ञान प्राप्त नहीं किया है, वे सुख की स्थिति आने पर अत्यन्त प्रसन्न होते हैं और दुःख की स्थिति आने पर अत्यन्त दुःख का अनुभव करते हैं ॥ 36॥
Those who have transcended ignorance but have not attained wisdom, become overjoyed when a situation of happiness arrives and experience extreme anguish in a situation of sadness. ॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥