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mahabharat 12.173.2: तत्पश्चात् उस पर बकरे के मृत शरीर को रखकर महाबली राक्षसराज ने उसमें आग लगा दी और विधिपूर्वक अपने मित्र का अंतिम संस्कार कर दिया॥2॥   |   mahabharat अध्याय 12.173: राजधर्मा और गौतमका पुन: जीवित होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 173: राजधर्मा और गौतमका पुन: जीवित होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.173.2 
तत: प्रज्वाल्य नृपतिर्बकराजं प्रतापवान्।
प्रेतकार्याणि विधिवद् राक्षसेन्द्रश्चकार ह॥ २॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उस पर बकरे के मृत शरीर को रखकर महाबली राक्षसराज ने उसमें आग लगा दी और विधिपूर्वक अपने मित्र का अंतिम संस्कार कर दिया॥2॥
 
After that, placing the dead body of the goat king on top of it, the mighty demon king set it on fire and performed the last rites of his friend as per the rituals. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)