Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.172.8: वह नीच ब्राह्मण गौतम स्वाध्यायहीन, ब्रह्मशक्ति से रहित तथा हिंसक प्रतीत होता था। मुझे उसके विषय में संदेह है। हो सकता है कि वह मेरे मित्र को मार डाले॥8॥ | mahabharat अध्याय 12.172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वाध्यायेन वियुक्तो हि ब्रह्मवर्चसवर्जित:।
तद्व्रतस्तत्र मे शंका हन्यात् तं स द्विजाधम:॥ ८॥
अनुवाद
वह नीच ब्राह्मण गौतम स्वाध्यायहीन, ब्रह्मशक्ति से रहित तथा हिंसक प्रतीत होता था। मुझे उसके विषय में संदेह है। हो सकता है कि वह मेरे मित्र को मार डाले॥8॥
'That lowly Brahmin Gautam was devoid of self-study and was devoid of Brahman power and appeared to be violent. I have doubts about him. He may kill my friend.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥