Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.172.6: वह महान पक्षी प्रतिदिन प्रातःकाल ब्रह्माजी की पूजा करने जाता था और वहाँ से लौटकर मुझसे मिले बिना अपने घर नहीं लौटता था॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स पूर्वसंध्यां ब्रह्माणं वन्दितुं याति सर्वदा।
मां वा दृष्ट्वा कदाचित् स न गच्छति गृहं खग:॥ ६॥
अनुवाद
वह महान पक्षी प्रतिदिन प्रातःकाल ब्रह्माजी की पूजा करने जाता था और वहाँ से लौटकर मुझसे मिले बिना अपने घर नहीं लौटता था॥6॥
'That great bird used to go every morning to offer prayers to Lord Brahma and on returning from there, he would never go back to his home without meeting me.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥