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श्लोक  12.172.25 
ब्रह्मघ्ने च सुरापे च चौरे भग्नव्रते तथा।
निष्कृतिर्विहिता राजन् कृतघ्ने नास्ति निष्कृति:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राजन! शास्त्रों में हत्यारे, शराबी, चोर और व्रतभंग करने वालों के लिए प्रायश्चित का प्रावधान है; किन्तु कृतघ्नों के उद्धार के लिए कोई उपाय नहीं बताया गया है।
 
Rajan! There is a provision of atonement in the scriptures for murderers, drunkards, thieves and those who break their fast; But no solution has been given for the salvation of the ungrateful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)