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ब्रह्मघ्ने च सुरापे च चौरे भग्नव्रते तथा।
निष्कृतिर्विहिता राजन् कृतघ्ने नास्ति निष्कृति:॥ २५॥
अनुवाद
राजन! शास्त्रों में हत्यारे, शराबी, चोर और व्रतभंग करने वालों के लिए प्रायश्चित का प्रावधान है; किन्तु कृतघ्नों के उद्धार के लिए कोई उपाय नहीं बताया गया है।
Rajan! There is a provision of atonement in the scriptures for murderers, drunkards, thieves and those who break their fast; But no solution has been given for the salvation of the ungrateful.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥