Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.172.22-23h: यह सुनकर दैत्यराज ने उन रात्रिचर जीवों से कहा - 'हे दैत्यों! ऐसा ही हो, इस कृतघ्न मनुष्य को आज ही डाकुओं के हवाले कर दो।'   |   mahabharat अध्याय 12.172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  12.172.22-23h 
एवमस्त्विति तानाह राक्षसेन्द्रो निशाचरान्॥ २२॥
दस्यूनां दीयतामेष कृतघ्नोऽद्यैव राक्षसा:।
 
 
अनुवाद
यह सुनकर दैत्यराज ने उन रात्रिचर जीवों से कहा - 'हे दैत्यों! ऐसा ही हो, इस कृतघ्न मनुष्य को आज ही डाकुओं के हवाले कर दो।'
 
On hearing this, the king of demons said to those night creatures - 'O demons! So be it, hand over this ungrateful man to the robbers today itself.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)