Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.172.18-19h: हे दैत्यों! वह पापी है, पापकर्मों वाला है और पापात्मा है। उसके समस्त कर्म पापमय हैं; अतः तुम उसे मार डालो, यह मेरी राय है।॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे दैत्यों! वह पापी है, पापकर्मों वाला है और पापात्मा है। उसके समस्त कर्म पापमय हैं; अतः तुम उसे मार डालो, यह मेरी राय है।॥18 1/2॥
‘O demons! He is a sinner, has sinful deeds and is a sinful soul. All his activities are sinful; therefore, you should kill him, this is my opinion.’॥18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥