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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 172: कृतघ्न गौतमद्वारा मित्र राजधर्माका वध तथा राक्षसोंद्वारा उसकी हत्या और कृतघ्नके मांसको अभक्ष्य बताना  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  12.172.17-18h 
अथाब्रवीन्नृप: पुत्रं पापोऽयं वध्यतामिति॥ १७॥
अस्य मांसैरिमे सर्वे विहरन्तु यथेष्टत:।
 
 
अनुवाद
तब राजा ने अपने पुत्र को आदेश दिया - 'बेटा! इस पापी को मार डालो। ये सभी राक्षस इसके शरीर का भरपूर उपयोग करें।'
 
Then the king ordered his son - 'Son! Kill this sinner. May all these demons make full use of his flesh. 17 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)