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mahabharat 12.171.24: तत्पश्चात उन सुन्दर एवं बहुमूल्य रत्नों से पूजित वे सभी उज्ज्वल वस्त्रधारी ब्राह्मण अत्यन्त प्रसन्न हो गये।   |   mahabharat अध्याय 12.171: गौतमका राक्षसराजके यहाँसे सुवर्णराशि लेकर लौटना और अपने मित्र बकके वधका घृणित विचार मनमें लाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 171: गौतमका राक्षसराजके यहाँसे सुवर्णराशि लेकर लौटना और अपने मित्र बकके वधका घृणित विचार मनमें लाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.171.24 
ततो महार्हैस्ते सर्वे रत्नैरभ्यर्चिता: शुभै:।
ब्राह्मणा मृष्टवसना: सुप्रीता: स्म ततोऽभवन्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात उन सुन्दर एवं बहुमूल्य रत्नों से पूजित वे सभी उज्ज्वल वस्त्रधारी ब्राह्मण अत्यन्त प्रसन्न हो गये।
 
After that, all those brightly clad Brahmins who were worshiped by those beautiful and precious gems became very happy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)