श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 171: गौतमका राक्षसराजके यहाँसे सुवर्णराशि लेकर लौटना और अपने मित्र बकके वधका घृणित विचार मनमें लाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.171.16 
ततो जाम्बूनदी: पात्रीर्वज्राङ्का विमला: शुभा:।
वरान्नपूर्णा विप्रेभ्य: प्रादान्मधुघृतप्लुता:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद उन्होंने हीरे जड़ित सुन्दर, स्वच्छ, स्वर्ण थालियों में घी से बने मीठे व्यंजन परोसे और उन्हें ब्राह्मणों के सामने रख दिया।
 
Thereafter he served sweet dishes made of ghee on beautiful, clean, gold plates studded with diamonds and placed them before the Brahmins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)