Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.169.4: गौतम ब्राह्मण किसी तरह उस भय से मुक्त तो हो गया; परन्तु उस घबराहट में वह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि किस दिशा में जाए। प्राण बचाने के लिए वह उत्तर दिशा की ओर भागा। | mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गौतम ब्राह्मण किसी तरह उस भय से मुक्त तो हो गया; परन्तु उस घबराहट में वह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि किस दिशा में जाए। प्राण बचाने के लिए वह उत्तर दिशा की ओर भागा।
Gautam Brahmin somehow got rid of that fear; but in that panic he could not decide in which direction he should go. To save his life he ran towards the north. 4.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥