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mahabharat 12.169.3: महाराज! वैश्यों का वह विशाल समूह एक पर्वतीय गुफा में डेरा डाले हुए था। तभी एक पागल हाथी ने उन पर आक्रमण कर दिया। उस समूह के अधिकांश लोग उसके द्वारा मारे गए।   |   mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.169.3 
स तु सार्थो महान् राजन् कस्मिंश्चिद् गिरिगह्वरे।
मत्तेन द्विरदेनाथ निहत: प्रायशोऽभवत् ॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! वैश्यों का वह विशाल समूह एक पर्वतीय गुफा में डेरा डाले हुए था। तभी एक पागल हाथी ने उन पर आक्रमण कर दिया। उस समूह के अधिकांश लोग उसके द्वारा मारे गए।
 
King! That great group of Vaishyas was camping in a mountain cave. Just then a mad elephant attacked them. Most of the people of that group were killed by it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)