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mahabharat 12.169.22: उस पक्षी को आते देख गौतम आश्चर्यचकित हो गया। उस समय वह भूखा-प्यासा था और चलते-चलते थक भी गया था। इसलिए उसने राजधर्म को मार डालने की इच्छा से देखा।   |   mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.169.22 
तमागतं खगं दृष्ट्वा गौतमो विस्मितोऽभवत्।
क्षुत्पिपासापरिश्रान्तो हिंसार्थी चाभ्यवैक्षत॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उस पक्षी को आते देख गौतम आश्चर्यचकित हो गया। उस समय वह भूखा-प्यासा था और चलते-चलते थक भी गया था। इसलिए उसने राजधर्म को मार डालने की इच्छा से देखा।
 
Gautam was astonished to see that bird coming. At that time he was hungry and thirsty and was also tired of walking. So he looked at Rajadharma with the desire to kill him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)