Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.169.20: वह अद्वितीय पक्षी इस पृथ्वी पर राजधर्म के नाम से विख्यात था। देवकन्या से उत्पन्न होने के कारण उसके शरीर की कांति देवताओं के समान थी। वह महान विद्वान था और दिव्य तेज से परिपूर्ण प्रतीत होता था। 20॥ | mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अद्वितीय पक्षी इस पृथ्वी पर राजधर्म के नाम से विख्यात था। देवकन्या से उत्पन्न होने के कारण उसके शरीर की कांति देवताओं के समान थी। वह महान विद्वान था और दिव्य तेज से परिपूर्ण प्रतीत होता था। 20॥
That unique bird was famous on this earth by the name of Rajdharma. Being born from a Devkanya, the radiance of his body was like that of a god. He was a great scholar and appeared to be full of divine radiance. 20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥