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mahabharat 12.169.19: वे महर्षि कश्यप के पुत्र और ब्रह्माजी के प्रिय मित्र थे। उनका नाम नाड़ीजंघ था। वे बगुलों के राजा और अत्यंत बुद्धिमान थे। 19॥   |   mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.169.19 
नाडीजङ्घ इति ख्यातो दयितो ब्रह्मण: सखा।
बकराजो महाप्राज्ञ: कश्यपस्यात्मसम्भव:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
वे महर्षि कश्यप के पुत्र और ब्रह्माजी के प्रिय मित्र थे। उनका नाम नाड़ीजंघ था। वे बगुलों के राजा और अत्यंत बुद्धिमान थे। 19॥
 
He was the son of Maharishi Kashyap and a dear friend of Brahmaji. His name was Nadijung. He was the king of herons and very intelligent. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)