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mahabharat 12.169.18: तदनन्तर, जब सूर्य अस्त हो गया, और संध्या हो गई, तब ब्रह्मलोक से एक महान पक्षी वहाँ आया। वह वृक्ष ही उसका निवासस्थान था ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 12.169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 169: गौतमका समुद्रकी ओर प्रस्थान और संध्याके समय एक दिव्य बकपक्षीके घरपर अतिथि होना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.169.18 
ततोऽस्तं भास्करे याते संध्याकाल उपस्थिते।
आजगाम स्वभवनं ब्रह्मलोकात् खगोत्तम:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर, जब सूर्य अस्त हो गया, और संध्या हो गई, तब ब्रह्मलोक से एक महान पक्षी वहाँ आया। वह वृक्ष ही उसका निवासस्थान था ॥18॥
 
Subsequently, after the sun had set, when evening arrived, a great bird came there from Brahmaloka. That tree itself was his home or abode. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)