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श्लोक  12.168.50 
निर्धनोऽस्मि द्विजश्रेष्ठ नापि वेदविदप्यहम्।
वित्तार्थमिह सम्प्राप्तं विद्धि मां द्विजसत्तम॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! मैं दरिद्र हूँ और वेद भी नहीं जानता; इसलिए हे श्रेष्ठ ब्राह्मण! समझो कि मैं यहाँ धन कमाने आया हूँ।
 
'O great Brahmin! I am poor and do not even know the Vedas; therefore, O great Brahmin! Consider that I have come here to earn money. 50.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)