Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.168.5: भीष्म बोले, "हे राजा युधिष्ठिर! हमें किसके साथ संधि (मित्रता) करनी चाहिए और किसके साथ नहीं? यह मैं तुम्हें विस्तारपूर्वक बता रहा हूँ। सब कुछ ध्यानपूर्वक सुनो। | mahabharat अध्याय 12.168: मित्र बनाने एवं न बनाने योग्य पुरुषोंके लक्षण तथा कृतघ्न गौतमकी कथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले, "हे राजा युधिष्ठिर! हमें किसके साथ संधि (मित्रता) करनी चाहिए और किसके साथ नहीं? यह मैं तुम्हें विस्तारपूर्वक बता रहा हूँ। सब कुछ ध्यानपूर्वक सुनो।
Bhishma said, "O King Yudhishthira! With whom should we make peace (friendship) and with whom should we not? I am telling you this in detail. Listen to everything carefully.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥