Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.168.34: महाराज! डाकू से ये सब वस्तुएँ पाकर वह ब्राह्मण मन ही मन बहुत प्रसन्न हुआ और दासी के साथ उस सुंदर घर में सुखपूर्वक रहने लगा। | mahabharat अध्याय 12.168: मित्र बनाने एवं न बनाने योग्य पुरुषोंके लक्षण तथा कृतघ्न गौतमकी कथाका आरम्भ । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! डाकू से ये सब वस्तुएँ पाकर वह ब्राह्मण मन ही मन बहुत प्रसन्न हुआ और दासी के साथ उस सुंदर घर में सुखपूर्वक रहने लगा।
King! On receiving all these things from the bandit, the Brahmin became very happy in his heart and started living happily in that beautiful house with the maid.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥