Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.167.5: विदुरजी बोले- राजन! विविध शास्त्रों का पालन, तप, त्याग, भक्ति, त्याग, क्षमा, भावों की पवित्रता, दया, सत्य और संयम- ये सब आत्मा की सम्पत्तियाँ हैं॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.167: धर्म, अर्थ और कामके विषयमें विदुर तथा पाण्डवोंके पृथक्-पृथक् विचार तथा अन्तमें युधिष्ठिरका निर्णय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदुरजी बोले- राजन! विविध शास्त्रों का पालन, तप, त्याग, भक्ति, त्याग, क्षमा, भावों की पवित्रता, दया, सत्य और संयम- ये सब आत्मा की सम्पत्तियाँ हैं॥5॥
Vidurji said-King! Adherence to various scriptures, penance, renunciation, devotion, sacrifice, forgiveness, purity of emotions, mercy, truth and restraint – all these are the assets of the soul. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥