Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.167.43: युधिष्ठिर बोले, "भाइयो! इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप लोगों ने शास्त्रों के सिद्धांतों पर विचार करके निर्णय लिया है। आप सभी को प्रमाणों का भी ज्ञान है। मैं सबके विचार जानना चाहता था, इसलिए मैंने उन सभी सिद्धांतों को ध्यानपूर्वक सुना है, जिन्हें आप लोगों ने मेरे सामने प्रस्तुत किया है। अब, मैं जो कुछ कह रहा हूँ, उसे आप लोगों को पूरे ध्यान से सुनना चाहिए।" 43. | mahabharat अध्याय 12.167: धर्म, अर्थ और कामके विषयमें विदुर तथा पाण्डवोंके पृथक्-पृथक् विचार तथा अन्तमें युधिष्ठिरका निर्णय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर बोले, "भाइयो! इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप लोगों ने शास्त्रों के सिद्धांतों पर विचार करके निर्णय लिया है। आप सभी को प्रमाणों का भी ज्ञान है। मैं सबके विचार जानना चाहता था, इसलिए मैंने उन सभी सिद्धांतों को ध्यानपूर्वक सुना है, जिन्हें आप लोगों ने मेरे सामने प्रस्तुत किया है। अब, मैं जो कुछ कह रहा हूँ, उसे आप लोगों को पूरे ध्यान से सुनना चाहिए।" 43.
Yudhishthira said, "Brothers! There is no doubt that you have reached a decision after considering the principles of the scriptures. You all also have knowledge of the evidences. I wanted to know the views of everyone, so I have listened carefully to all the principles that you all have presented here in front of me. Now, you must listen to whatever I am saying with full attention." 43.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥