Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.167.38: अतः राजन! आप काम के भरोसे सुन्दर वस्त्रों से सुसज्जित, आभूषणों से सुसज्जित, सुन्दर रूपवान और मादक कन्याओं के साथ विहार करते हैं। हमें इस संसार में काम को ही श्रेष्ठ समझना चाहिए। 38॥ | mahabharat अध्याय 12.167: धर्म, अर्थ और कामके विषयमें विदुर तथा पाण्डवोंके पृथक्-पृथक् विचार तथा अन्तमें युधिष्ठिरका निर्णय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतः राजन! आप काम के भरोसे सुन्दर वस्त्रों से सुसज्जित, आभूषणों से सुसज्जित, सुन्दर रूपवान और मादक कन्याओं के साथ विहार करते हैं। हमें इस संसार में काम को ही श्रेष्ठ समझना चाहिए। 38॥
So Rajan! You, relying on lust, roam around with beautifully dressed, bejeweled, beautiful looking and intoxicating girls. We should consider work as the best in this world. 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥