Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.167.32: व्यापारी, कृषक, ग्वाले, कारीगर, शिल्पी और देवताओं से संबंधित कार्य करने वाले भी केवल कामनाओं से अपने-अपने कार्यों में लगे रहते हैं ॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 12.167: धर्म, अर्थ और कामके विषयमें विदुर तथा पाण्डवोंके पृथक्-पृथक् विचार तथा अन्तमें युधिष्ठिरका निर्णय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यापारी, कृषक, ग्वाले, कारीगर, शिल्पी और देवताओं से संबंधित कार्य करने वाले भी केवल कामनाओं से अपने-अपने कार्यों में लगे रहते हैं ॥ 32॥
Merchants, farmers, cowherds, artisans, craftsmen and those engaged in work related to the gods also remain engaged in their respective activities with only desires. ॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥