श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  12.166.83 
असेरष्टौ हि नामानि रहस्यानि निबोध मे।
पाण्डवेय सदा यानि कीर्तयन् लभते जयम्॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
पाण्डुनन्दन! उनके आठ गुप्त नाम हैं। उन्हें मुझसे सुनो। जो मनुष्य उन नामों का जप करता है, वह युद्ध में विजयी होता है। 83॥
 
Pandunandan! He has eight secret names. Hear them from me. The man who chants those names wins the war. 83॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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