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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन
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श्लोक 74
श्लोक
12.166.74
आयुश्च तस्माल्लेभे तं नहुषश्च ततो भुवि।
ययातिर्नहुषाच्चापि पूरुस्तस्माच्च लब्धवान्॥ ७४॥
अनुवाद
आयु ने पुरुरवा से तलवार प्राप्त की, आयु से नहुष ने, नहुष से ययाति ने और पुरु ने ययाति से इस पृथ्वी पर तलवार प्राप्त की।
Aayu obtained the sword from Pururava, Nahusha from Aayu, Yayati from Nahusha and Puru from Yayati on this earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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