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mahabharat 12.166.61-62h: जब वह भयंकर एवं महान युद्ध प्रारम्भ हुआ, तो पृथ्वी पर रक्त और मांस का कीचड़ जम गया, जिससे वह अत्यंत भयानक दिखाई देने लगी।   |   mahabharat अध्याय 12.166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.166.61-62h 
तस्मिन् महति संवृत्ते समरे भृशदारुणे॥ ६१॥
बभूव भू: प्रतिभया मांसशोणितकर्दमा।
 
 
अनुवाद
जब वह भयंकर एवं महान युद्ध प्रारम्भ हुआ, तो पृथ्वी पर रक्त और मांस का कीचड़ जम गया, जिससे वह अत्यंत भयानक दिखाई देने लगी।
 
When that terrible and great war started, a sludge of blood and flesh settled on the earth. Due to which it began to look extremely dreadful. 61 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)