| श्री महाभारत » पर्व 12: शान्ति पर्व » अध्याय 166: खड्गकी उत्पत्ति और प्राप्तिकी परम्पराकी महिमाका वर्णन » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 12.166.22  | तस्मिन् धर्मे स्थिता देवा: सहाचार्यपुरोहिता:।
आदित्या वसवो रुद्रा: ससाध्या मरुदश्विन:॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | आचार्यों और पुरोहितों सहित देवतागण, आदित्यगण, वसुगण, रुद्रगण, साध्यगण, मरुद्गण और अश्विनीकुमार- ये सभी उस सनातन धर्म में स्थित हो गए ॥22॥ | | | | The gods along with the Acharyas and priests, the Adityas, the Vasugans, the Rudragans, the Sadhyagans, the Marudgans and the Ashwini Kumars – all of them became established in that Sanatan Dharma. 22॥ | | ✨ ai-generated | | |
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