| श्री महाभारत » पर्व 12: शान्ति पर्व » अध्याय 165: नाना प्रकारके पापों और उनके प्रायश्चित्तोंका वर्णन » श्लोक 16 |
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| | | | श्लोक 12.165.16  | विश्वैर्देवैश्च साध्यैश्च ब्राह्मणैश्च महर्षिभि:।
आपत्सु मरणाद् भीतैर्विधि: प्रतिनिधीकृत:॥ १६॥ | | | | | | अनुवाद | | क्योंकि विश्वेदेव, साध्य, ब्राह्मण और महर्षि- इन सब लोगों ने मृत्यु से भयभीत होकर संकट विषयक प्रत्येक विधि के प्रतिनिधि नियुक्त कर रखे हैं ॥16॥ | | | | Because Vishvedev, Sadhya, Brahmin and Maharishi – all these people, fearing death, have appointed representatives of every law regarding emergency. 16॥ | | ✨ ai-generated | | |
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