Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.163.8-9h: इच्छा विचार से उत्पन्न होती है। यदि उसमें लीन रहा जाए तो वह बढ़ती है और जब बुद्धिमान व्यक्ति उससे विरक्त हो जाता है तो वह (इच्छा) तत्काल नष्ट हो जाती है। 8 1/2 | mahabharat अध्याय 12.163: काम, क्रोध आदि तेरह दोषोंका निरूपण और उनके नाशका उपाय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इच्छा विचार से उत्पन्न होती है। यदि उसमें लीन रहा जाए तो वह बढ़ती है और जब बुद्धिमान व्यक्ति उससे विरक्त हो जाता है तो वह (इच्छा) तत्काल नष्ट हो जाती है। 8 1/2
Desire arises from the thought. If it is indulged in, it increases and when a wise man becomes detached from it, then it (desire) is destroyed immediately. 8 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥