Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.162.2: हे राजन! सत्य के लक्षण क्या हैं? उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है? सत्य का पालन करने से क्या लाभ होता है? और वह कैसे प्राप्त होता है? कृपया मुझे बताइए।॥2॥ | mahabharat अध्याय 12.162: सत्यके लक्षण, स्वरूप और महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्यं किं लक्षणं राजन् कथं वा तदवाप्यते।
सत्यं प्राप्य भवेत् किं च कथं चैव तदुच्यताम्॥ २॥
अनुवाद
हे राजन! सत्य के लक्षण क्या हैं? उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है? सत्य का पालन करने से क्या लाभ होता है? और वह कैसे प्राप्त होता है? कृपया मुझे बताइए।॥2॥
King! What are the signs of truth? How can one achieve it? What are the benefits of following truth? And how is it achieved? Please tell me.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥