Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.161.6: शराबी, चोर, किसी की सम्पत्ति बिना उसकी अनुमति के चुराने वाला, भ्रूण की हत्या करने वाली स्त्री तथा गुरु की पत्नी के साथ संबंध बनाने वाला मनुष्य, ये सभी मनुष्य उचित तप करने से ही अपने पापों से मुक्त हो सकते हैं ॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.161: तपकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शराबी, चोर, किसी की सम्पत्ति बिना उसकी अनुमति के चुराने वाला, भ्रूण की हत्या करने वाली स्त्री तथा गुरु की पत्नी के साथ संबंध बनाने वाला मनुष्य, ये सभी मनुष्य उचित तप करने से ही अपने पापों से मुक्त हो सकते हैं ॥6॥
A drunkard, a thief, a person who steals someone's possessions without their consent, a woman who kills an embryo and a person who has an affair with his guru's wife, can get rid of their sins only through proper penance. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥