Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.160.9: संयम से तेज बढ़ता है; संयम परम पवित्र साधन है; संयम के द्वारा पापों से मुक्त होने वाला तेजस्वी पुरुष परम पद को प्राप्त होता है ॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.160: मन और इन्द्रियोंके संयमरूप दमका माहात्म्य । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संयम से तेज बढ़ता है; संयम परम पवित्र साधन है; संयम के द्वारा पापों से मुक्त होने वाला तेजस्वी पुरुष परम पद को प्राप्त होता है ॥9॥
Control increases one's brilliance; control is the most sacred means; the radiant man who becomes free from sins through control, attains the supreme position. ॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥