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mahabharat 12.16.d1: महाराज! हम बहुत बलवान हैं। देवताओं के लिए भी हमें हराना कठिन होगा। लेकिन याद रखना कि विराटनगर में हमें कैसे दास बनकर रहना पड़ा था।   |   mahabharat अध्याय 12.16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  12.16.d1 
(बलिनो हि वयं राजन् देवैरपि सुदुर्जया:।
कथं भृत्यत्वमापन्ना विराटनगरे स्मर॥ )
 
 
अनुवाद
महाराज! हम बहुत बलवान हैं। देवताओं के लिए भी हमें हराना कठिन होगा। लेकिन याद रखना कि विराटनगर में हमें कैसे दास बनकर रहना पड़ा था।
 
'King! We are very strong. Even the gods will find it difficult to defeat us. But remember how we had to live as slaves in Viratnagar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)