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mahabharat 12.16.22: हे शत्रुराज! जिस प्रकार तुमने द्रोणाचार्य और भीष्म के साथ युद्ध किया था, उसी प्रकार का एक और युद्ध तुम्हारे सामने है। इस बार तुम्हें केवल मन से ही युद्ध करना है॥ 22॥   |   mahabharat अध्याय 12.16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.16.22 
यच्च ते द्रोणभीष्माभ्यां युद्धमासीदरिंदम।
मनसैकेन योद्धव्यं तत्ते युद्धमुपस्थितम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुराज! जिस प्रकार तुमने द्रोणाचार्य और भीष्म के साथ युद्ध किया था, उसी प्रकार का एक और युद्ध तुम्हारे सामने है। इस बार तुम्हें केवल मन से ही युद्ध करना है॥ 22॥
 
'O King of enemies! Just like the battle you fought with Dronacharya and Bhishma, another battle like that is before you. This time, you have to fight only with your mind.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)