Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.16.10: जो व्यक्ति अपने पिछले मानसिक या शारीरिक कष्टों के लिए बार-बार विलाप करता है, वह एक कष्ट से दूसरे कष्ट में जाता रहता है। उसे दो विपत्तियाँ झेलनी पड़ती हैं। | mahabharat अध्याय 12.16: भीमसेनका राजाको भुक्त दु:खोंकी स्मृति कराते हुए मोह छोड़कर मनको काबूमें करके राज्यशासन और यज्ञके लिये प्रेरित करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो व्यक्ति अपने पिछले मानसिक या शारीरिक कष्टों के लिए बार-बार विलाप करता है, वह एक कष्ट से दूसरे कष्ट में जाता रहता है। उसे दो विपत्तियाँ झेलनी पड़ती हैं।
‘The person who repeatedly mourns for his past mental or physical sufferings goes from one suffering to another. He has to suffer two calamities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥