Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.158.19: वे तर्कशक्ति का आश्रय लेकर अनेक गलत मार्ग बना लेते हैं और लोभ एवं अज्ञान में पड़कर सज्जनों द्वारा स्थापित मार्गों (धार्मिक मर्यादाओं) को नष्ट करने लगते हैं।॥19॥ | mahabharat अध्याय 12.158: समस्त अनर्थोंका कारण लोभको बताकर उससे होनेवाले विभिन्न पापोंका वर्णन तथा श्रेष्ठ महापुरुषोंके लक्षण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे तर्कशक्ति का आश्रय लेकर अनेक गलत मार्ग बना लेते हैं और लोभ एवं अज्ञान में पड़कर सज्जनों द्वारा स्थापित मार्गों (धार्मिक मर्यादाओं) को नष्ट करने लगते हैं।॥19॥
By resorting to the power of logic, they create many wrong paths and being in greed and ignorance, they start destroying the paths (religious norms) established by the good people.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥