श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 157: सेमलका हार स्वीकार करना तथा बलवान‍्के साथ वैर न करनेका उपदेश  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.157.14 
अक्षौहिण्यो दशैका च सप्त चैव महाद्युते।
बलेन न समा राजन्नर्जुनस्य महात्मन:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे महाराज! अठारह अक्षौहिणी सेनाएँ भी बल में महात्मा अर्जुन के बराबर नहीं हैं॥14॥
 
Great King! Even the eighteen Akshauhini armies are not equal to Mahatma Arjuna in strength. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)