Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.156.9: परन्तु क्योंकि तू अन्य स्वाभाविक मनुष्यों की भाँति मेरा अपमान कर रहा है, इसलिए मैं क्रोधित होऊँगा और तुझे ऐसा रूप दिखाऊँगा कि तू फिर मेरा अपमान नहीं करेगा॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.156: नारदजीकी बात सुनकर वायुका सेमलको धमकाना और सेमलका वायुको तिरस्कृत करके विचारमग्न होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु क्योंकि तू अन्य स्वाभाविक मनुष्यों की भाँति मेरा अपमान कर रहा है, इसलिए मैं क्रोधित होऊँगा और तुझे ऐसा रूप दिखाऊँगा कि तू फिर मेरा अपमान नहीं करेगा॥9॥
But because you are insulting me like any other natural human being, I will be enraged and I will show you such a form that you will not insult me again.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥